Shastra
सीमंधर मुख से
हम लाए हैं विदह से
माँ जिनवाणी बसो हृदय में
माता तू दया करके
मीठे रस से भरी जिनवाणी
म्हारी माँ जिनवाणी
ये शाश्वत सुख का प्याला
शांती सुधा बरसाये
शास्त्रों की बातों को मन
तर्ज : माता तू दया करके
सांची तो गंगा
परम उपकारी जिनवाणी
तर्ज : है अपना दिल तो आवारा
महिमा है अगम
माँ जिनवाणी ज्ञायक बताय
तर्ज : दो हंसों का जोड़ा
माँ जिनवाणी तेरो नाम
जिनवाणी माँ तेरे चरण
जिनवाणी माता दर्शन की
जिनवाणी मोक्ष नसैनी है
जिनवानी जान सुजान
राग : अहीर भैरव, तर्ज : पूछो न कैसे मैनें रैन बिताई
तू कितनी मनहर है
तर्ज - तू कितनी अच्छी है...
धन्य धन्य जिनवाणी माता
धन्य धन्य वीतराग वाणी
जब एक रत्न अनमोल
जिन बैन सुनत मोरी
जिनवर की वाणी से
तर्ज : झिलमिल सितारों का आंगन होगायशोमती मैया से बोले
जिनवाणी जग मैया
जिनवाणी माँ आपका शुभ
तर्ज : मेरा जीवन कोरा कागज
अमृतझर झुरि झुरि आवे
तर्ज : जीव तू भ्रमत सदीव अकेला
ओंकारमयी वाणी तेरी
तर्ज : फूलों सा चहरा तेरा
चरणों में आ पडा हूं
तर्ज : सारे जहां से अच्छा...
ॐ
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