नर तन रतन अमोल

ऊंचे ऊंचे शिखरों वाला है रे, तीरथ हमारा

तीरथ हमारा हमें लागे है प्यारा ॥

श्री जिनवर से भेंट करावे, जग को मुक्ति मार्ग दिखावे

मोह का नाश करावे रे, ये तीरथ हमारा ॥

शुद्धातम से प्रीति लगावे, जड चेतन को भिन्न बतावे

भेद विज्ञान करावे रे, यह तीरथ हमारा ॥

भाव सहित वंदे जो कोई, ताहि नरक पशुगति नहिं होई

भेद विज्ञान करावे रे, ये तीरथ हमारा ॥

रंग राग से भिन्न बतावे, शुद्धातम का रूप बतावे

मुक्ति का मारग दिखावे रे, ये तीरथ हमारा ॥

0:00
0:00