लगी म्हारा नैना री डोरी

राग - कल्याण

लगी म्हारा नैना री डोरी हो जिन सैयाँ,

लगी जी म्हारा नैना री डोरी, ओऽऽ नैना री डोरी,

लगी जी म्हारा नैना री नैना री डोरी जी ॥

सोहनी सूरत मोहनी मूरत, (2)

जब देखूँ तब तोरी, तोरी जी, भला जी भला

ओऽऽ जब देखूँ तब तोरी, तोरी जी…॥लगी…१॥

तुम गुण महिमा कह न सकत हूँ, (2)

कह न सकत हूँ, रह न सकत हूँ, मोमे है बुध थोरी,

ओऽऽ मोमे है बुध थोरी, थोरीजी ॥लगी…२॥

'चन्द्र खुशाल' दोउ कर जोड़े, (2)

मेटो भव भव फेरी, फेरी जी,

ओऽऽ मेटो भव भव फेरी, फेरी जी ॥लगी…३॥

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