जैन — गुणस्थान में काल, संख्या

गुणस्थान

काल

जीवों की संख्या

(उत्कृष्ट)

मुक्त होने के लिए अनिवार्य गुणस्थान

जीव सदाकाल पाए जाते हैं

जघन्य

उत्कृष्ट

मनुष्यों की

चारों गतियां

1 मिथ्यात्व

अन्तर्मुहूर्त

अनादि अनन्त

अनादि सान्त

सादि सान्त – कुछ कम अर्ध पुद्गल परावर्तन

पर्याप्त – २९ अंक प्रमाण

अपर्याप्त – असंख्यात

अनंतानान्त

✔

✔

2 सासादन

१ समय

६ आवली

५२ करोड़

असंख्यात

3 मिश्र

अन्तर्मुहूर्त

अन्तर्मुहूर्त (ज. से संख्यात गुणा बड़ा)

१०४ करोड़

असंख्यात

4 अविरत

''

1 समय कम 33 सागर + 9 अन्तर्मुहूर्त कम 1 पूर्व कोटि

७०० करोड़

असंख्यात

✔

5 देशविरत

''

3 अन्तर्मुहूर्त कम 1 पूर्वकोटि

१३ करोड़

असंख्यात

✔

6 प्रमत्तसंयत

१ समय – मरण अपेक्षा

अंतर्मुहूर्त – सामान्य से

अन्तर्मुहूर्त

५,९३,९८,२०६

✔

✔

7 अप्रमत्तसंयत

''

अन्तर्मुहूर्त (६ से आधा)

२,९६,९९,१०३

✔

✔

8 अपूर्वकरण

''

यथायोग्य अन्तर्मुहूर्त

२९९+५९८=८९७

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9 अनिवृतिकरण

''

''

''

✔

10 सूक्ष्मसाम्पराय

''

''

''

✔

11 उपशान्तमोह

''

अन्तर्मुहूर्त (२ क्षुद्र भव ~ १/१२ सेकण्ड)

२९९

12 क्षीणमोह

अन्तर्मुहूर्त (४ क्षुद्र भव ~ १/६ सेकण्ड)

५९८

✔

13 सयोगकेवली

अन्तर्मुहूर्त

आठ वर्ष और अन्तर्मुहूर्त कम १ कोटि पूर्व

८,९८,५०२

✔

✔

14 अयोगकेवली

अन्तर्मुहूर्त (५ ह्रस्व अक्षरों अ,इ,उ,ऋ,लृ का उच्चारण काल)

५९८

✔

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