मंगल जिनवर पदनमौं, मंगल अर्हन्त देवमंगलकारी सिद्ध पद, सो वन्दौं स्वयमेव ॥२॥
हे जिनेन्द्र भगवान आपके मंगलकारी चरणों को नमन करता हूँ । अर्ह्न्त भगवान मंगलकारी हैं । सिद्ध भगवान (सिद्धपद) मंगलकारी हैं अत: मैं इनकी अपने मगल के लिए वन्दना करता हूँ ।
मंगल सरस्वती मातका, मंगल जिनवर धर्ममंगल मय मंगल करो, हरो असाता कर्म ॥४॥
जिनवाणी माता मंगल स्वरूप हैं जिनेन्द्र भगवान के द्वारा कहा गया धर्म मंगलकारी है | हे मंगलमय जिनेन्द्र भगवान मेरे असाता कर्म का क्षय करके मुझे मंगलमय कीजिए ।