शौरीपुर वाले शौरीपुर वाले नेमिजी हमारे शौरीपुर वाले
नेमिजी हमारे शौरीपुर वाले ॥
शिवादेवी घर जन्म लियो है, माता की कोख को धन्य कियो है
अंतिम जन्म हुआ प्रभुजी का, जन्म मरण को नाश कियो है
समुद्रविजय के आंखों के तारे…नेमिजी हमारे शौरीपुर वाले ॥
स्वर्ग पुरी से सुरपति आये, ऐरावत हाथी ले आये
पांडुक शिला पर प्रभु को बिठाये, क्षीरोदधि से न्हवन कराये
रतन बरसाये हां न्हवन कराये…नेमिजी हमारे शौरीपुर वाले ॥
देखो भैया इन्द्र भी आये, पंचकल्याणक का उत्सव कराये
प्रभु दर्शन कर अति हरषाये, मंगल तांडव नृत्य रचाये
सभी हरषाये हां खुशियां मनाये…नेमिजी हमारे शौरीपुर वाले ॥
तन से भिन्न निजातम निरखे, निज अंतर का वैभव परखे
भेद ज्ञान की ज्योति जलावे, संयम की महिमा चित लावे
गये गिरनारे गये गिरनारे…नेमिजी हमारे शौरीपुर वाले ॥