जन्म जन्म तन धरने Text only चेतन अपनो रूप निहारो Text only चेतन को मिला जब नर तन तो Text only चेतन चेत बुढ़ापो आयो रे Text only चेतन नरभव ने तू पाकर Text only क्षणभंगुर जीवन है पगले Text only गाडी खडी रे खडी रे तैयार Text only गुरुवर जो आपने बताया Text only चन्द्रगुप्त राजा के सोलह स्वप्न Text only किसको विपद सुनाऊँ हे नाथ Text only कैसो सुंदर अवसर आयो है Text only क्यूं करे अभिमान जीवन Text only कबै निरग्रंथ स्वरूप धरूंगा Text only करलो आतम ज्ञान परमातम Text only कहा मान ले ओ मेरे भैया Text only कहा मानले ओ मेरे भैया Text only इस नगरी में किस विधि Text only ऐसी दीवाली मनाऊं Text only ओ जाग रे चेतन जाग Text only आत्मा हमारा हुआ है क्यों काला Text only काहे पाप करे काहे छल Text only आज अद्भुत छवि निज निहारी Text only आज खुशी है आज खुशी है Text only अब प्रभु चरण छोड़ कित जाऊँ Text only अध्‍यात्‍म के शिखर पर Text only अपनी सुधि पाय आप Text only अपने में अपना परमातम Text only
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